~~Keep Believing in Yourself ~~
~~If You Are Born Poor~~
~~Its Not Your Fault~~
~~If You Die Poor ~~
~~Its All Your Fault~~:
BILL GATES▌║▌║▌║║▌│▌▌│▌║▌║▌║║▌│▌▌│▌║▌║▌║║Øяіgіиαℓ ®▌║▌
Saturday, June 27, 2009
Monday, June 22, 2009
Saturday, June 20, 2009
top pick
इस father's डे पर एक छोटी सी कहानी पढ़ी अच्छी लगी तो लीजिये ये रही आपके सामने -----
डैड मेरे भाई और मेरे साथ खेला करते थे , माँ खीचकर कहती ''तुम लोग बगीचे की घास बर्बाद कर रहे hu ''
डैड जवाब देते ''हम घास की परवरिस नहीं कर रहे है हम बच्चो की परवरिस कर रहे है
{दैनिक भास्कर के साभार से }
अच्छी लगे तो comments जरूर कीजियेगा
डैड मेरे भाई और मेरे साथ खेला करते थे , माँ खीचकर कहती ''तुम लोग बगीचे की घास बर्बाद कर रहे hu ''
डैड जवाब देते ''हम घास की परवरिस नहीं कर रहे है हम बच्चो की परवरिस कर रहे है
{दैनिक भास्कर के साभार से }
अच्छी लगे तो comments जरूर कीजियेगा
Monday, May 25, 2009
नास्तिक का सही अर्थ
पुराने धर्म कहते है की नास्तिक वे है जो ईस्वर पर भरोसा नहीं करते ,नया धर्म कहता है की वे नास्तिक है , जो अपने पर भरोसा नहीं करते
*****स्वामी विवेकानंद*****
*****स्वामी विवेकानंद*****
Thursday, May 7, 2009
बात गौर करने वाली है ........
एक ब्लॉग पर बड़ी ही दिलचस्प बात लिखी देखी , सोचा ये बात बताने लायक है और उससे कही जायदा बहुत कुछ सिखने वाली
कुछ इस तरह लिखा हुआ था ......................
बंगलोर में एक 8 साल की बच्ची दही चावल से भरा कटोरा सिर्फ़ इसलिए खा जाती है की उसके पापा उसे सर मुंडाने देंगे, वो इसलिए सर मुंडा कर स्कूल जाती है क्यूंकि उसकी क्लास में पढने वाला एक बच्चा lukemia से पीड़ित है ,ओर chemotherapy की वजह से गंजे सर के साथ वो स्कूल आने में शर्म महसूस करता था ….. उस नन्ही परी को किसने सिखाया बड़ा होना ??????
कुछ इस तरह लिखा हुआ था ......................
बंगलोर में एक 8 साल की बच्ची दही चावल से भरा कटोरा सिर्फ़ इसलिए खा जाती है की उसके पापा उसे सर मुंडाने देंगे, वो इसलिए सर मुंडा कर स्कूल जाती है क्यूंकि उसकी क्लास में पढने वाला एक बच्चा lukemia से पीड़ित है ,ओर chemotherapy की वजह से गंजे सर के साथ वो स्कूल आने में शर्म महसूस करता था ….. उस नन्ही परी को किसने सिखाया बड़ा होना ??????
Wednesday, May 6, 2009
pappu can't vote ........

पप्पू को घर से बाहर निकाल कर वोट देने के लिये कई अभीयान चलाये गए , कई विज्ञापन टीवी पर देखाई गई पर इनका कुछ भी असर होता नहीं दिख रहा है , लगता है पप्पू को पप्पू रहने में ही जायदा अच्छा लगता है [?????]
आखिर क्या कारण है की ये पप्पू वोट नहीं करता???? दरअसल इसके पीछे हमारी voter id बनवाने से लेकर वोट देने तक की जटिल प्रणाली भी है , और रही सही कसर गर्मी ने पूरी कर दी |
पप्पू रिअलटी शो में वोट करता है पर देश के लिये वोट आखिर क्यों नहीं ??? ?????
अभी यह भी सुनने मे आ रहा है की वोट देने को अनिवार्य कर देना चाहिए व जो वोट नहीं करे उन पर जुर्मना होना चाहिए | लोग जुर्माने के डर से वोट करने चले भी जाए पर क्या वे सही गलत की पहचान कर सकेगे?? , सही व सच को चुन सकेगे ??? शायद नहीं .............
दरअसल जब तक पप्पू को समझ नहीं होगी उसका वोट करना या करना बराबर ही रहेगा |
बहतर होगा की पप्पू घर से बाहर निकले और सोच समझ कर वोट करे |
Tuesday, May 5, 2009
एक नज़र इस पर ...........
एक गरीब परिवार था, पिता गरीब,माँ गरीब, बच्चे गरीब.
परिवार में 4 नौकर थे, वोह भी गरीब.
Car भी टूटती हुई SCORPIO थी.
उनका गरीब ड्राईवर बच्चों को उसी टूटती Car में School छोड़ के आता था.
बच्चों के पास पुराने N95 Mobile थे.
बच्चे हफ्ते में सिर्फ 3 बार ही HOTEL में खाते थे.
घर में केवल 4 2nd Hand A.C. थे.
सारा परिवार बड़ी मुश्किल से ऐश कर रहा था.!!
परिवार में 4 नौकर थे, वोह भी गरीब.
Car भी टूटती हुई SCORPIO थी.
उनका गरीब ड्राईवर बच्चों को उसी टूटती Car में School छोड़ के आता था.
बच्चों के पास पुराने N95 Mobile थे.
बच्चे हफ्ते में सिर्फ 3 बार ही HOTEL में खाते थे.
घर में केवल 4 2nd Hand A.C. थे.
सारा परिवार बड़ी मुश्किल से ऐश कर रहा था.!!
Thursday, April 30, 2009
वोटिंग में थर्ड क्लास भारतीय

जी हा यह एक हकीकत है और सचाई , भी आखिर कब तक चलेगा ???????
जिस देश में क्रिकेट की टिकट एक घंटे के अंदर ही बिक जाती है उसी देश में ५० % मतदान करने मे ही दम निकल गई वाकई हमारा देश महान है { कहने का ही या वास्तव में भी ????}
वोट न करने वालो मे कई लोग ऐसे भी है जो खुद को पढ़ा लिखा समझते है , प्रोफिस्नल जॉब करते है , मंदिरों मे लम्बी-लम्बी लाइनों में भी लगते है, पर वोटिंग के दिन लाइनों में लगने की बजाये घरो में ही आराम करना पसंद करते है | वाकई हमारा देश महान है |
ये वो लोग है जो jeans पहनते है , मोल मे जाना पसंद करते है पर वोट करना नहीं वाकई हमारा देश महान है
{ कहने का ही या वास्तव में भी ????????????????????}
Use Your Right's to Vote .
Wednesday, April 15, 2009
Tuesday, April 14, 2009
२ रूपये कहाँ गए???????
एक बार तीन आदमी एक दुकान पर छाता खरीदने गए . दुकान पर मालिक नहीं था, नौकर ने उन्हें छाता दिखाया और छाते का दाम ६० रूपये बताया . तीनो आदमी नेअपनी जेब से २०-२० रूपये निकाल के नौकर को दे दिए और छाता लेके चले गए .थोडी देर बाद दुकान का मालिक आया तो नौकर ने बताया "मालिक, अभी मैंने वोवाला छाता ६० रूपये में बेच दिया ". दुकानदार बोला "वो छाता तो ५० रूपये का था .तुम उन्हें जाकर १० रूपये लौटा दो ".
नौकर १० रूपये लेकर उन्हें लौटने जाता है , तो सोचने लगता है की १० रूपये ३आदमी में कैसे बांटेगा .वो हर एक को २-२ रुपये लौटा देता है और ४ रुपये अपनेपास रख लेता है .
अब नौकर लौटते समय हिसाब लगता है की सबने २०-२० रूपये दिए थे , मैंने उन्हें२-२ रूपये लौटा दिए तो एक आदमी को छाते का दाम पड़ा १८ रूपये . मतलब १८ x ३= ५४ और ४ रूपये मेरे पास , ५४ + ४ = ५८ पर छाता तो मैंने ६० रुपये का बेचा थाफिर २ रुपये कहा गए .
बेचारा नौकर ये सोच कर बड़ा परेशान है , आप बताइए २ रूपये कहाँ गए .
नौकर १० रूपये लेकर उन्हें लौटने जाता है , तो सोचने लगता है की १० रूपये ३आदमी में कैसे बांटेगा .वो हर एक को २-२ रुपये लौटा देता है और ४ रुपये अपनेपास रख लेता है .
अब नौकर लौटते समय हिसाब लगता है की सबने २०-२० रूपये दिए थे , मैंने उन्हें२-२ रूपये लौटा दिए तो एक आदमी को छाते का दाम पड़ा १८ रूपये . मतलब १८ x ३= ५४ और ४ रूपये मेरे पास , ५४ + ४ = ५८ पर छाता तो मैंने ६० रुपये का बेचा थाफिर २ रुपये कहा गए .
बेचारा नौकर ये सोच कर बड़ा परेशान है , आप बताइए २ रूपये कहाँ गए .
Friday, April 10, 2009

दिल्ली जाने वाली एक बस खचाखच भर चुकी थी। एक बुढिया बस रुकवा कर चढ गई। कंडक्टर के मना करने पर उस ने कहा मुझे ज़रुरी जाना है। किसी ने बुढिया को सीट नही दी। अगले बस स्टैंड से एक युवा सुंदर लडकी बस मे चढी तो एक दिल फैंक युवक ने अपनी सीट उसे आँफर कर दी और खुद खडा हो गया। युवती ने बुढिया को सीट पर बैठा दिया और खुद खडी रही । युवक अहिस्ता से बोला, " मैने तो सीट आप को दी थी।" इस पर युवती बोली, "धन्यवाद, लेकिन किसी भी चीज पर बहन से ज्यादा मां का हक होता है।"
--------किसी ब्लॉग पर लिखा हुआ था |---------
सही पते भीटर ही रह गए |
पानी की तलाश में गए|रेत में रीते खड़े रह गए||
सामना करना था आधी का|
सुतुर्मुर्ग से कड़े रह ग ए||
maloom था प्रसादो का अन्जाम|
dolatkhano में pade रह गए||
बदलना था विचारो को| {my fav}
वस्त्रो पर अडे रह गए||
खुशिया थी सागरों सी फैले |
paimaano में dhoohte रह गए||
बरगद ने phala rakhi थी छाया|
नागफनी में dhoohte रह गए||
उम्र भर पड़े नैतिकता का पाठ|
हुई parikcha ताकते रह गए||
जाना कही था pahooch कही गए|
सही पते भीटर ही रह गए||
Thursday, April 9, 2009
Friday, April 3, 2009
लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है.मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है.आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है,जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है.मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में.मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो.जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,संघर्श का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम.कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती hope ur inspired ..n always keep in mind .ull never get depressed.......
-- noted from an internet site--
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